हॉन्टेड ऑफिस - Haunted Office - Kahani in Hindi - Horror Stories - भूतिया कहानियाँ - Divubha Chandli
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| हॉन्टेड ऑफिस - Divubha Chandli |
रात के करीब एक बजने आया है.पूरे शहर में मौत की शांति फँसी हुई है.पर call center के अंदर चारों तरफ phoneबजने की आवाज़ें ही गूंज रही थी.कोई हिंदी में बात कर रहा था, तो कोई English मेंसभी अपने customer से बात करने में Busy थे, किया जाए.एक ठीक से सब कुछ शांत हो गया, सभीलोगों के हाथ बहत जम से हो है.अगले ही call center की light भी चरमराने लगी, सबको अपने आपही कुछ अजीब सा महसूस हुई, जैसे वह किसी कमरे में बंदहो, समुद्र चेहरे पर सवाल लिए एक दूसरे को देख रहे थे कि वह सोना की आवाज़ है तो वह bathroom गई थी.
खुद से कहते हुए पूनम जब bathroom में गईतो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था.उनके bathroom के सारे दरवाज़े खोले हुए थे और सिखमें tape से पानी नहीं बल्कि खून गिर रहा था.जिस पर भी पूनम ने जब दीवारों पर देखा, तोकिसी ने खून से साफ साफ लिखा हुआ था.मैं वापस आ गयी हूँ, अपना बदला लेने पूनमदीवार पर लिखा हमें पड़ी गई थी कि तभीउसे अपने सिर पर पर अकेला सा महसूस हुआ.उसने जब ऊपर देखा तो डर के virus का उसके घर पर, एकलड़की की ज़रिए हुई लाशों से इसलिए देख ली, लेकिन जब वो लाशकी अपना बड़ा समूह हार कर, अपने नुकीले दांत से पूनम पर हमलाकरना चाहा, तो पूनम खुद ब खुद अपने आप ही पीछे हुआ.
Bathroom से बाहर आ गई.उसने कोशिश भी की कि उसने जो अंदरदेखा वो सब कुछ सच सच बता दे.लेकिन उसे इस बात का भी डर था किकोई उसकी बात पर यकीन करेगा या नहीं.तो इस बात को अपने ही मन में दबाव वोचुन रही और police के आने का इंतज़ार करने लगी.कुछ ही पलों में call center में police का जमावड़ालगा गए और पंजरामक और police वालों ने call centerको एक हफ्ते तक बंद रखने की हिदायत दी थी.लेकिन call center के manager नेpolice का काम नहीं किया.और अगली रात भी call center में सभी लोगोंको काम करने के लिए बुला लिया गया.
सब पिछली रात के हुए हादसे का सोचकर डरे सहमे से थे.पूनम के मन में भी लगातार बस तुमसोना का ही ख्याल आ रहा था.पर इससे पहले उसकी सोच और गहरी हो पाती.इस बार किसी लड़के के चीखने की आवाज़ आई जिससे stoneसबके मन में पहला ख्याल मौत का ही आया था.इस बार manager ने जब मेल bathroom में जाकर देखा, तोखून खून चीखता हुआ और day ही वापस दौड़ पड़े.आज रात भी इस call center में किसी लड़के ने खुदको चाकू से जोड़कर मौत के घाट उतार लिया था.एक बार फिर police का हाल centerमें आकर लोगों से पूछताछ करने लगी.
दीदी यार इतनी tension मत लो एक तो आज मेरे काम का पहलादिन है और तुम हो किसी न पर नहीं बुलाए बैठे हो.अच्छा क्या बात है?बताओ तो सही?कुछ नहीं दिव्या.तू नहीं समझ जाएगी.अभी नई नई आई है ना तू इस call centerमें धीरे धीरे तुझे भी सब पता चल जाएगा.इतना कह रहा है.पूनम दिव्य कुछ और अपने कमरे में चली गई.दोनों जब अपनी रात की ship के लिए साथ में officeपहुंचे तो manager ने एक पलंग के आते ही उसे अपनेक्या दिन में बुलाया दिव्या को लगा कि शायद manager नेउसे किसी गांव से बुलाया था, लेकिन जब दो घंटे तकभी पूनम वापस नहीं आई, तो दिव्या जी सकते हुए managerके cabin में चले और cabin में जो उसने देखा उसेदेख उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई थी.
उसकी दीदी पूनम और manager किसी साहब के जोड़े की तरह एकदूसरे से लिपटे हुए थे, वो अपनी दीदी को इस हाल मेंभी देखेगी, ये उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था.पूनम दीदी आपकी शादी तय हो गई है,और तुम यहाँ किसी और के साथ? ठीक.मुझे तो शर्म आती है तो मैं अपनी दीदी कहते हुए.अगर गाँव में किसी को पता चला तो आपकेसाथ साथ मेरे घरवाले भी बदनाम हो जाएंगे.यह सब करने से पहले तुम्हें एक बारभी मां बाबा का ख्याल नहीं आया.उन्हीं के लिए तो यह कर रही हूं.
तेरा क्या है?तेरे घर में तो दो बड़े भाई हैंजो दहेज़ में तुझे सोने से तोल देंगे.लेकिन मेरे घर में तो मेरे पासचार बहनें और हैं उनका क्या होगा?उनका भी तो हक़ बनता है कि उनके मां बाप भी उनकी शादीअच्छे घर और अच्छे लड़के से करवाएं और अच्छा घर, लड़का दहेज़ देखताहै, पैसा जो manager मुझे देता है, उसके साथ सोने के लिए, उसेमज़ा देने के लिए तो कभी मुझे समझ ही नहीं सकती, इसलिए अपनाकाम कर और मेरे मामले में दखल मत दे.नहीं, मैं जानबूझकर तो मैं यह पाप नहीं कर दे दूंगी.
मैं कल सुबह ही आप कि मां papa को सब कुछसच सच बता दूंगी हम ज़रूर कोई दूसरा रास्ता निकाल लेंगे.इतना कहकर डिब्बे office से चली गई.पूनम ने बाहर जाकर दिव्या को ढूंढा गया,पर दिव्य का कुछ पता नहीं चला.लेकिन shift खत्म होने के बाद जब वो वापसअपने घर पहुँचे, तो उसका सारा सामान गायब था.वह गुस्से में रात को ही वापस अपने घर जबलपुर चले गए.तो उसके बाद आपने फिर कभी दिव्या से बात नहीं करी?नहीं inspector साहब अब मैंने उसे contact करने की कोशिश भीकरी थी लेकिन जो numbers उसने मुझे दिया था वह notreachable आ रहा था चाहे तो मैं आपको वह number भीदे सकती हूं दरअसल उन्होंने doctor साहब को अपना पूरा बयानलिखवा रही थी क्योंकि जब से कमल center में आत्महत्या कासिलसिला शुरू हुआ है उसे एक हफ्ते पहले से ही दिव्यअधिकार है, जिसके लिए photo किसी ने भी नहीं लिखी.
लेकिन call center में मौजूद हर किसी केबयान में दिव्या का ज़िक्र ज़रूर था.कोई इसके रूप की तारीफ करता तो कोई उसके गुल होगी.मामले की गंभीरता को समझते हैं.Police ने दस दिन के लिए call center बंद कर दिया.पर इन दस दिनों के लिए पूनमसीधा manager के farmhouse चली गई.Farmhouse पहुंच कर उसने जब fridge hold कर देगा.Repeat illust fridge में पड़ी हुई उसे ही देख रहीथी जिसे पूनम और manager ने मिल कर मारा था.दरअसल call center के बाहर जब दिव्य और पूनम दोनों बातेंकर रहे थे तभी सारी बहुत manager ने सुनी और अचानकही दिव्य की सिर पर हमला कर उसे बेहोश कर दिया.
यह क्या किया तुमने?वह मेरे गाँव से है, कुछ हो गया तो?इसके घर वाले मेरे पूरे परिवार को ज़िंदा जला देंगे.अरे कुछ नहीं होगा, तुम बस अंदर जाओगे, बाकी मैंसब संभाल लूँगा, बहुत वक्त हो गया है किसी लाशने अपनी भूख में गायब हुए इतना कहकर.Manager ने दिव्या को अपनी गाड़ी की डिब्बीमें डाला और अपने farmhouse चला गया.वहां कर पहले तो उसने मन भर के व्यक्ति जिसमें उलझो,बसे अपनी हवस की प्यास बुझाई और फिर तड़पा तड़पा करउसे जान से मार दिया और दोनों इन छुट्टियों में farmhouseपर दिव्या की लाश को ठिकाने लगाने ही आए थे.मगर हर बार की तरह सब काम छोड़कर.
दोनों ने एक दूसरे के जिसमें से पहलेअपनी कामवासना बुझाई और थक कर सो गए.रात के करीब तीन बजाए थे यह अचानक ही पूनम की नींद खुली.उसने दूर से किसी के बहुत दर्दसे चीखने की आवाज़ सुनी थी. मुझे बचाओ.कोई है क्या?कोई मुझे sun रहा है.मैं मन में नहीं चाहता.कोई तो मेरी मदद करो.पूनम जब आवाज़ का पीछा किया तो डर केमारे उसका खून सूखने को हो गया था.उसकी आंखों के सामने ही manager मुस्कुराता हुआ औरनहीं हाथ से मांस बूझकर खा रहा था.
विमान, यह क्या हो गया है तुम्हें?क्यों पागलों जैसी हरकतें कर रहे हो?मैं कहती हूं में आओ.इतना कह कर पूनम जी manager को देख उसके पासजाने को हुई ही थी तभी manager गुस्से में उठखड़ा होगा और बेहद डरावनी शक्ल में मुस्कुराता हुआ बोला,दे दे मुझे नहीं पहचाना मैं आपके दिव्य.दिव्य का नाम पूनम उल्टे पैर दौड़ पड़ी.उसे समझ में आ गया था कि manager ने अपना यह हालखुद नहीं किया है बल्कि इसके पीछे दिव्या का हाथ है.और शायद वो अब ज़िंदा नहीं बचेगी.यही सोच कर.उनलोग अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ी.
लेकिन जैसे ही लड़खड़ा वो ज़मीन पर गिरी manager केशरीर को अपने कब्जे में की हुई दिव्या की आत्माने अपने नाखूनों से पूनम की छाती जीर डाली.लेकिन मैंने जो ज़िंदा बच गया था.बात में उसने call center में हुए सारे खून के इलज़ामअपने सिर पर ले लिए और jail जाने के तीन महीनेबाद ही jail में खुदकुशी कर ली और जब यह बातगांव में पहुंची तो दिव्या के परिवार वालों ने पूनम केघर वालों को ज़िंदा ही आ के हवाले कर दिया.लेकिन इतना सब होने के बाद.दिव्या की लाश आज भी freezer में पड़ी हुई है.अपने अंतिम संस्कार का इंतज़ार कर रही है.
