अमीर बेटी बनी गरीब बहू: Amir Beti Bani Garib Bahu Hindi Inspirational Kahani - Divubha Chandli

अमीर बेटी बनी गरीब बहू - Amir Beti Bani Garib BahuHindi Inspirational Stories - प्रेरणादायक कहानियाँ - Hindi Kahani - Divubha Chandli

अमीर बेटी बनी गरीब बहू - Divubha Chandli

परी का जैसा नाम था वैसे ही परी अपने मायके में परी थी.काफी अमीर इसलिए वह अपना कोई काम नहींकरती और ना करो पर ही Depend रहती.यह काफी लेकर क्यों आ गए आजमेरा काफी पीने का दिल नहीं करा.आप मेरे लिए banana shit लिख पायेंगे. आराम कर ली.मेरी dress तैयार रखो, मैं अभी चावल लेकर आ रही हूँ.परी अपने लिए एक पानी का glass भी खुद नहीं उठाती थी.परी के घर के सभी नौकरों को, परी के हरकतों पर बहुतगुस्सा आता और वे आपस में परी केचगली भी क्या करते?इसके मां बाप ने मैंने इतनी मेहनतसे coffee जो बनाई उसका क्या करूं?चाय बनवाती तो मैं खुद भी पीलेता लेकिन मैं coffee तो पीता नहीं.

अचानक काग़ज़ का नखरे खत्म हो गया.अगर ऐसा ही रहा तो पता नहीं अब तो घर कैसे बरसाएगी?पता नहीं खुद को क्या समझती है.नहाना खुद को है कपड़े खुद को पहनने पर order तोऐसे झाड़ती है जैसे पता नहीं मैं नौकरानी नहीं हूं.मैंने इसका कोई कर्ज ले रखा है अरे अपना साराकाम छोड़कर इसके आगे पीछे लगी रहती हूं लेकिन अगरगलती से भी कोई गलती हो जाए तो इसके साथइसके माता पिता भी मुझे इतनी सुनाती हैं.अरे इतना बड़ा घर और सिर्फ ना करें.हम तो यह नहीं कि अपनी बेटी के लिए एक और नौकरी रख ली.

अरे जो लड़की माँ के मैं कुछ नहीं करती, वो लड़की ससुरससुराल में नौ करोड़ से भी बक पर ज़िंदगी जीती है.या बड़ी महारानी बनी फिरती है ना. देख रहा तो.ससुराल में नौ करोड़ से भी बुरा हाल होगा इसका.और फिर पता चलेगा इसको कि ये अपनेनौकरों के साथ कैसा बर्ताव करती है.दोनों नौकर आपस में चुगली कर रहे होते हैंकि तभी वहां पर परी आ जाती है.उनकी बात सुनकर उनसे कहती है.मेरी चुगली करना बात करो तुम दोनों.इस चीज़ के पैसे मिलते हैं क्या?अगर मैंने मां से तुम्हारी शिकायत लगा दी नातो तुम्हारी इस महीने की तनख्वाह cut जाएगी. समझे?चलो अब मेरा bag पकड़ो और मेरेपीछे चलो मुझे college जाना है.

परी अपना bag रामू काका के हाथ में थमा देती हैऔर उन्हीं को अपना driver बनाकर college ले जाती है.समय यूं ही बीतता है.और देखते ही देखते परिका रिश्ता अतुल नाम के लड़की केसाथ तय हो जाता है, परी अभी शादी नहीं करना चाहतीथी इसलिए वो शादी के लिए इंकार करने लगती है.अभी मेरे किसी भी दोस्त की शादीनहीं हुई, मुझे भी शादी नहीं करनी.मुझे तो अपने जैसे किसी राजकुमार का इंतज़ार है. वाह.अरे बेटा, अतुल किसी राज कुमार से कम भी नहीं है.

अतुल की family educated है.और बहुत जल्द अतुल की सरकारी नौकरी भी लगने वाली है.यह लोग तो हमसे भी ज़्यादा अमीर हैं.हमारे पास सिर्फ दो ना करें.पर उनके घर में बहुत सारे नौकर हैं.तो ज़िंदगी भर रानी की ज़िंदगी जिएं की बेटा.जब परी को पता चलता है कि अतुल तो उससे भीज़्यादा अमीर है और वो राजकुमारी बनकर अपने ससुराल में रहेगीतो वो भी इस रिश्ते के लिए हाँ कर देती है.बहुत जल्द परी की शादी अतुल से हो जाती है.शादी के बाद परी की ज़िंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा था.पर अफसोस, अतुल की सरकारी नौकरी नहीं लग पाती.जिस वजह से अतुल की family अतुलको खरी खोटी सुनाने लगती है.

मेरे सारे बच्चे कामयाब हो गए पर इस लड़के पर इतनापैसा खर्च करने के बाद भी यह लड़का कामयाब नहीं हुआइससे तो अच्छा मैं किसी नौकर पर इतने पैसे खर्च देती.अरे बहुत ज़िंदगी भर मेरी सेवा तो करता.पता नहीं कहाँ से घड़ी में ये पैदा हो गया.नौकरी तो नौकरी होती है ना और मैं खाली तो नहीं बैठ रहा.सरकारी ना से ही private नौकरी ढूंढ तो रहा हूँ मैं.तो फिर ठीक है, जिस दिन तू महीने का एक लाख कमाकर मेरे हाथों में देगा, उस दिन आकर मुझसे बात करना.जब तक तो काम नहीं करेगा तब तक तेराऔर तेरी बीवी का खर्चा मैं नहीं उठाने वाली.तुम दोनों पति पत्नी अपने बारे मेंखुद सोचो कि कैसे अपनी ज़िंदगी जीओगे?अर्चना अतुल से इतनी ज़्यादा नाराज़ होती है कि वहअतुल के साथ बे गानों की तरह बर्ताव करती है.

साथ ही साथ वह परी को भी कुछ नहीं समझतीघर में इतने नौकर होने के बाद भी अर्चना सारानौकर वाला काम अपनी बहु परी से ही करवाती.बहो घर में ज़्यादा लोग नहीं है इसलिएमुझे ज़्यादा नौकर की ज़रूरत नहीं थी तोमैंने कुछ नौकरों की छुट्टी कर दी है.इसके लिए उनकी जगह आपसे तो ही काम करेगी.जा, अब जा करके चंचल सवाल और सबके लिए खाना बना.पर मुझे खाना तो बनाना आता ही नहीं.मैंने अपने मायके में कभी भी रसोई में कदम नहीं रखा.Mummy जी मैं खाना कैसे बनाऊंगी? नहीं आता.तो सीख ले बहु.

जो तूने अपने मायके में नहीं किया वहसब ससुराल में तो करना ही होगा.फ़ल मती ऐसे घर के सारे काम सिखा देना.खाना बनाने से लेकर झाड़ू पोछा तक.आपसे हर छोटे बड़े काम मेरे बहु पर ही करेगी.अर्चना अपनी बहु के साथ इतना बुरा बर्ताव करती हैकि परी अपनी सास के सामने कुछ नहीं बोल पाती.और फूलमती परी को घर के सारे काम सिखाती है.जिस परी ने कभी अपने लिए एक पानीका glass भी खुद नहीं निकाला था.वो आज सबको खाना बना कर खिलातीऔर सबके गंदे कपड़े भी तोती.बाबा, काम पर सही सा ध्यान क्यों नहीं लगाती?देख मेरे कमरे में मेरे कपड़े रखे हैं.उन्हें धो दे और धोने के बाद बाज़ार चलीजाना, कल से फूलमती भी काम पर नहीं आएगी.

तो आपसे market से सारा सामान भी तुम्हें मिलाना होगा.पर यह अपने सास के सामने कुछ नहीं बोलपाती और चुपचाप उसकी सारी बात मानती है परीकी हालत किसी नौकर से कम नहीं होती.घर वाले भी परी के साथ नौकरों की तरह बर्ताव करते हैं.जो पहले नौकरों को भला बुरा कहती थी, आज उसकेससुराल वाले उसकी गलती पर उसे भला बुरा कहते हैं.ऐसे ही एक दिन परिवर्तन हो रही होती हैऔर गलती से उसके कुछ कफ टूट जाते हैं.जिस पर अर्चना परी को भला बुरा सुनाने लगती है.

परे भवानी, पति तो तुम्हारा काम करता नहीं और तुम होके आए दिन इस घर का नुकसान करती रहती हो.वह तो शुक्र मनाओ के मैं तुम्हें दोवक्त की रोटी भी खाने को देती हूँ.अगर तुम मेरी बहु ना होती ना और शायद माँतुझे इस घर में रहने और खाने भी ना देती.अर्चना परी को भला बुरा सुनाई रही होतीहै कि तभी वहाँ अतुल आ जाता है.और अपनी बीवी के साथ इतना बुरा बर्ताव होता देखकरबर्दाश्त नहीं कर पाता और अपनी माँ से कहता है.माँ आप हमारे साथ ऐसा कैसे कर सकती है?मुझे तो यकीन ही नहीं होता कि आप मेरी माँ है.

हर एक सौतेली माँ भी अपने बच्चों के साथऐसा बर्ताव नहीं करती, जैसा आप मेरे साथ औरमेरी बीवी के साथ भेदभाव करती है.आप ऐसा इसलिए कर रहे होक्योंकि मेरी सरकारी नौकरी नहीं लगी.पर अब मैं और मेरी बीवी आपके गुलाम बनकर नहीं रहेंगे.चलो परी जब तुम्हें खुद नौकरों की तरह कामकरना है तो दूसरों की नौकरी क्यों करना?अरे तो ले जाना क्यों साहब की तरह हमारे घर पर छातासराय बैठा है और क्यों हमारे सीने पर मुंडन रहा है? वाह.अगर तुझे अपने बीवी और खुद की इज़्ज़त कीइतनी पड़ी होती ना, तो सरकारी नौकरी करता.ना कि private नौकरी के पीछे इस तरहदर दर के ठोक रखा रहा होता.

बा आपके तो सारे बच्चों की सरकारी नौकरी लगी है ना.वो चाहते तो मुझे नौकरी लगवा सकते थे.उन्होंने मेरी मदद नहीं करी लेकिन कोई बात नहीं.मैं अपनी बीवी को और ऐसी हालत में नहीं देख सकता.दो वक्त की रोटी ही सही पर मैं अपनी बीवी को खुश रखूंगा.अतुल परी की ऐसी हालत नहीं देख पाता औरपरी के साथ अपना घर छोड़ देता है.घर छोड़ने के बाद परी और अतुल एक छोटे से किराएके घर में रहते हैं जहां अतुल 20000 की private नौकरीकरता है तो वहीं परी अकेले ही पूरा घर संभालती है.सही कहते हैं लोग.इंसान कितने ही issue आराम में क्यों ना रहे.पर जब खुद पर आती है तो वह सब कुछ करना सीख ही जाता है.

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