जादुई लस्सी का कुंआ: Magical Lassi Well Hindi Kalpanik Kahani - Divubha Chandli

जादुई लस्सी का कुंआ - Magical Lassi WellHindi Kalpanik Stories - काल्पनिक कहानियाँ - Hindi Kahani - Divubha Chandli

जादुई लस्सी का कुंआ - Divubha Chandli

ले लो भाई.ले लो ठंडी ठंडी लस्सी ले लो भाई.मलाईदार लस्सी ले लो.यूं आवाज़ देता हुआ एक आदमी ठेलेपर लस्सी बेचता हुआ जा रहा था.इसका नाम था गगन.उसकी पत्नी थी और उसका बेटा था मरण.हर दिन सवेरे गगन और उसकी पत्नीमिलकर घर पर लस्सी बनाते थे.फिर बड़े प्यार से गगन अपने बेटे mother को एकglass लस पिलाता था, मदन को लस्सी बहुत पसंद था.

एक दिन एक drugs ने आकर गगन के लस्सी वालेठेले को ज़ोर से टक्कर मार कर चली गई.गगन को काफी चोट लगी और वो अस्पताल में भर्ती हो गया.उस बेचारे की कमर टूट गई और उसने खाट पकड़ ली.अब उसका परिवार दुखी था कि घर को कैसे चलाया जाए.यह देखकर मदन तुम बिल्कुल चिंता न करो.मैं पढ़ाई छोड़ दूंगा और लस्सीबना कर, बेच कर पैसे कमाऊंगा.

हमारे पास इसके अलावा और कोई रास्तातभी तो नहीं है बापू अपना मन.यू कहकर मदन और उसकी माँ मिलकर रस्सी बनाने लगे.बाद में मदन उस नसी को एक cycle पर रखकर लस्सी ले लोलस्सी, दादा कावन लस्सी, ठंडी ठंडी मलाई दार लस्सी आओ भई आओ.कह कर लस्सी बेचने लगा.इस तरह जो भी पैसे कमाता था वो लाकर माँ को दे देता था.

एक दिन वो लस्सी बेच रहा था कि तभी कुछ गुंडे वहांपहुंचे उन गुंडों का उस्ताद मुन्ना hey, उन उस cousin के बेटेहो ना, तुम हमारी बात मानोगे या अपने पिताजी के साथ करदिखाकर, आप बहतरो कर घर में बैठे रहोगे, तब मदद.दादा, अब क्या कह रहे हो?मेरी समझ में नहीं आ रहा आप जरा समझा कर कहिए ना.कप्पू, अरे भई मैं नशीली दवाइयां बेचता हूँ, मैंने तुम्हारे पिताजी से कहा था कि तुम्हारे लस्सी में और नशीले पदार्थबनाकर भेजो, लेकिन तुम्हारे पिता जी ने साफ साफ मना करदिया इसीलिए उस पर हमने truck चला दी.

वह तो उसकी किस्मत अच्छी थी जो बच गया.अब बोलो तुम यह काम करोगे?अगर हां कहा तो में छोड़ देंगे.वरना तुम्हारा भी वही हाल होगा जो तुम्हारे बाप का हुआ.तब मदन. देखो दादा.एक काम मैं नहीं करूंगा और मैंकह रहा हूं आप भी छोड़ दीजिए.यह सुनकर मुन्ना और उसके dolly को बहुत गुस्सा आया.उन्होंने मदन के cycle का चकनाचूर कर दिया.

एक बार तुम मुझे दिखाई दिए तो तुम्हारी जान दे लूँगा.अभी तुम बच्चे हो इसलिए छोड़ रहाहूं कहकर जब वहां से चले गए.मदन रोता हुआ घर पंहुचा और अपने मां बापको सब कुछ बताया और दुखी होने लगा.एक दिन मदन कुएं से पानी निकाल रहा था कि तभीकुएं में से एक परी बाहर आई वो बड़ी मदद से.बेटा मदद, तुम्हारी परिवार की तकलीफ देखकर मुझे बहुत दुखहो रहा इसलिए अब मैं इस कुएं को लस्सी वालाकुआं बना दूंगी हर रोज़ तुम्हें इसमें से ताज़ा लस्सीमिलेगा तो वह लस्सी बेचकर खुशी खुशी रहा यूं कहकर वो वापस कुएं में लौट गई.बाद में कुएं का सारा पानी लसी में बदल गया.

बस उस दिन से mother बाल्टियाँ भर भरकर कुएंसे लस्सी निकालता उन्हें घरों में भरता और उनघरों को cycle पर रखकर रस्सी बेचने जाता.वो गरीबों को मुझ में लस्सीदेता और उनसे आशीर्वाद लेता था.जब लोगों को पता चला वो कुएं के पास आए औरकुएं से लसी निकलते हुए देखकर वो कुएं की पूजा करनेलगे इस बात की खबर मुन्ना तक पहुंच गई.एक दिन मुन्ना और उसकी trolley कुएं के पास पहुंचे.मुन्ना अरे वाह छोटे packet तूने तो कमाल कर दिया यार.तुम्हारे हाथ तो lottery लग गई.

सुनो अब से यह लस्सी वाला कुआं मेरा है मैं इसमेंनशीली दवाई मिलाऊँगा और नशीली धसी लोगों को बेचकर खूब पैसेकमाऊंगा अब तुम हकड़ों यहाँ से कहकर कुएं में नशीली दवाईमिलाने जा रहा था बात कुएं में से दूर राक्षस बाहरनिकले उन्होंने मुन्ना और उसकी डोली को खूब मारा, तब मारेडर के मुन्ना और उसकी डोली वहां से भाग खड़ी हुई.बस तब से मदन कुएं में से लस्सी निकालता, उसे बेचताऔर कमाए हुए पैसों से आराम से ज़िंदगी बसर करने लगा.

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