जादुई टमाटर की बारिश: Magical Tomato Rain Hindi Kalpanik Kahani - Divubha Chandli

जादुई टमाटर की बारिश - Magical Tomato Rain - Hindi Kalpanik Storiesकाल्पनिक कहानियाँ - Hindi Kahani - Divubha Chandli

जादुई टमाटर की बारिश: Magical Tomato Rain Hindi Kalpanik Kahani - Divubha Chandli
जादुई टमाटर की बारिश - Divubha Chandli

एक बार एक आदमी ठेले पर टमाटर रखकर उसे ढकेलते हुए पुकार रहा था.उसके ठेले के security के लिए थोड़े bodyguards गन पकड़े हुएथे और टमाटर ले लो टमाटर किलो सिर्फ एक हज़ार रुपए किलोसिर्फ एक हज़ार रुपए तजे तजे टमाटर ले लो भाई, टमाटर लेलो माँ, टमाटर ले लो, तह कर पुकारते हुए.खरीदने आए लोगों को, तो उन कर टमाटर बेचते हुए, जाने लगा.एक बार bank में एक आदमी bank manager केसामने सोना रखकर loan पुछा बगल में एक आदमी टमाटर के टोकरी को रख कर loan पुछा.

Bank manager तब देखो भाई सोना रखकर loan देने वाले दिन गए हैं.तुम्हारे पास इनके जैसे टमाटर है तो लेकर आओ.जितना चाहे उतना loan देंगे कहा.उस गांव में पत्नियां, पति टमाटर नहीं लारहे हैं, कहकर उन्हें मारने लगे तो.टमाटर डालकर सागर नहीं बना रहे हैंकहकर पति पत्नियों को मार रहे थे.उसी गांव में एक मुफ़त आदमी हुआ करता था.उसका नाम जयराम था आदमी अच्छा था मगर हर कामजल्दबाज़ी में करता था उसकी बातें दूसरों को सुनना हैसोचता था मगर वो दूसरों की बातें नहीं सुनता था.

कोई भी बात पूरी तरह से सुने बिना हीवो जवाब देने के लिए तैयार हो जाता था.इसलिए लोग उसे मुंह पर जयराम कहकर बुलाते थे.एक बार road पर उसका दोस्त उसे मिल के यारपरसों तुम्हारे birthday के दिन घर से निकला था रेइतने में मेरे पिताजी का scooter क्यों कहते हैं क्यातुम्हारे पिताजी के scooter को accident होकर वह मर गएइतने देर से क्यों बोले अरे uncle कितने अच्छे थे.अरे अरे कहते ही वो उसे एक खींचके मारा और निकम्मे पूरी बात नहीं सुनते.नरेंद्र मेरे ज़िंदा पिताजी को मां दिए ना कहीं ना कहीं केछी छी एक और बार तुम्हारी सूरत मत दिखाना कहकर चला गया.

जरा दूसरे आदमी के घर जाकर क्या uncle, सुनाहै कि aunty दुर्गा के साथ भाग गई है?क्या यह सच है?वह दुर्गा देखने में मासूम लगता है मगर इतना बड़ा निकम्माहै कहकर मैंने नहीं सोचा यह लीजिए मेरे पिताजी आपको यहकिताब देने के लिए बोले कहते ही वो उसे एक झापड़मारकर पठ्ठे मुंह, भागना, क्या रे भागना और उस घर केदुर्गा जी के साथ वो तिरुपति गई है वो आवारा दुर्गाराव के साथ नहीं, कमीने कहकर मारा.एक बार उस गांव को एक स्वामी जी आएवो मंदिर में सबको प्रवचन सुना रहे थे.

गांव वाले सब उनकी अच्छे से अथिति सत्कार किए.स्वामी जी जाते जाते गाँव वालों मुझेआपका गाँव और आप बहुत अच्छे लगे.मैं जब भी आता हूँ तब मेरी अच्छे से खातिरदारी करके,मेरे कहे अच्छे बातों का पालन करके अच्छे रास्ते पर चलतेहैं इसलिए इस बार आपको कोई वर देने की सोच रहाहूं क्या वर चाहिए पूछिए वह व गांव के भलाई केलिए होना चाहिए आपके स्वाद के लिए नहीं अच्छे से सोचकरसबके तरफ से कोई एक पूछे time लीजिए एक बार पूछनेके बाद फिर से वापस नहीं ले सकते सोच लेना कहांइससे लोग क्या पूछे तो अच्छा रहेगा कह कर सोचने लगे.

एक आदमी हमारे गांव में पीने के पानी कीटंकी है ना उसके बारे में पूछे क्या?कहा तो एक और है.इस गांव में एक अच्छा school नहीं है, libraryनहीं है, road गंदगी ऐसे कई समस्याएं हैं?ऐसे सबको चर्चा करते हुए देखकर जयराम को गुस्सा आया.हैं, जो बात MLA और MP से पूछनी हैवह स्वामी जी से क्यों पुछ रहे हो?आप लोगों को दिमाग नहीं है.मैं पूछूंगा रुकिए, हमें क्या चाहिए?मुझे अच्छे से पता है कहा तो गांव का बड़ा ऐ तुम्हें कुछनहीं पता तुम इसके beach में मत आओ रुको कहा तू जय राम.वाह.आपको सब कुछ पता है ना.अरे जाओ बह जाओ, बड़ा आया, है.देखिए स्वामी जी, हमारे गांव वाले बिनाटमाटर के बहुत परेशान हो रहे हैं.

हमें टमाटर की बरसात चाहिए.दिन में एक बार गिरना चाहिए.यह भर दीजिए.कहकर पुकारा. लोगों से.मेरी समझदारी देखे ना, इसके लिएबेकार में meeting क्यों लगाए?कह, कह, स्वामी जी तब.तो, अच्छा अगर पूछे बेटा, इसके लिएगाँव वाले ज़रूर तुम्हारा अभिनंदन करेंगे.कहकर आसमान की तरफ हाथ घुमा कर चला गया.बस आसमान से टमाटरों की बरसात गिरने लगी.लोग उन्हें उठाने लगे जयराम उनकी ओर गर्व से देखनेलगा ऐसे आए दिन टमाटरों की बारिश गिरना लोग उन्हेंउठाना ये सब चलने लगा 

थोड़े दिनों के बाद थोड़ेलोग लठोन के साथ जयराम एक घर को आए.जयराम उन्हें देख कर, जयराम सब ऐसे आए होलठों के साथ क्यों आए कोई समस्या है क्या?चाहे समस्या कितनी भी बड़ी हो चुटकी मेंहल कर दूंगा कहा तो गांव का बड़ा.यह मुंहफट कहीं के इस गांव के लिए तुम भी बड़ी समस्याओं,दरिंदे, स्वामी उतना अच्छा मौका दिए तो टमाटर की बारिश पूछी नातुमने बेवकूफ करके टमाटर का दाम हर दम एक जैसे ही नहींरहता सिर्फ एक दिन में ही सबकी समस्या खत्म हो गई है

अब हम आए दिन टमाटर उठा नहीं पा रहे हैं.सम्मान करोगे कहते ही सब उसे पकड़कर लेटोन से खूबमारे उस दिन से गांव में गिरने वाले टमाटरों कोगांव वाले जयराम से ही साफ करवाने लगे

Previous Post Next Post